राजस्थान गार्गी पुरस्कार योजना 2026: ₹3,000 की प्रथम एवं द्वितीय किस्त, पात्रता, दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन की पूरी जानकारी
Rajasthan Gargi Puraskar Yojana 2026: राजस्थान सरकार द्वारा बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गार्गी पुरस्कार योजना संचालित की जा रही है। यह योजना राजस्थान की मेधावी छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन योजना है।
गार्गी पुरस्कार योजना के अंतर्गत राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित माध्यमिक एवं प्रवेशिका परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली पात्र बालिकाओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने पर आर्थिक प्रोत्साहन राशि और प्रमाण-पत्र दिया जाता है।
वर्तमान आधिकारिक जानकारी के अनुसार गार्गी पुरस्कार योजना की प्रथम किस्त ₹3,000 तथा द्वितीय किस्त ₹3,000 है। दोनों किस्तें बालिका के आगे की कक्षा में नियमित अध्ययनरत रहने की शर्त से जुड़ी हैं।
इस लेख में हम जानेंगे:
- गार्गी पुरस्कार योजना क्या है?
- गार्गी पुरस्कार में कितने रुपये मिलते हैं?
- कौन-कौन सी छात्राएं पात्र हैं?
- 75 प्रतिशत अंक की शर्त क्या है?
- प्रथम किस्त कब मिलती है?
- द्वितीय किस्त कब मिलती है?
- जन आधार क्यों जरूरी है?
- आवश्यक दस्तावेज कौन-कौन से हैं?
- ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- आवेदन में गलती होने पर क्या करें?
- गार्गी पुरस्कार का प्रमाण-पत्र कैसे डाउनलोड करें?
- गार्गी पुरस्कार और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार में क्या अंतर है?
गार्गी पुरस्कार योजना क्या है?
गार्गी पुरस्कार योजना राजस्थान सरकार की बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण योजना है।
यह योजना वर्ष 1998 से संचालित है। योजना का उद्देश्य माध्यमिक स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इसके तहत माध्यमिक एवं प्रवेशिका परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली पात्र बालिकाओं को आगे की कक्षा में नियमित अध्ययन करने पर आर्थिक पुरस्कार दिया जाता है।
योजना के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिलता है और उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने से रोकने में सहायता मिलती है।
गार्गी पुरस्कार योजना 2026 में कितने रुपये मिलते हैं?
गार्गी पुरस्कार की राशि दो किस्तों में दी जाती है।
प्रथम किस्त
10वीं/प्रवेशिका परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली पात्र छात्रा यदि कक्षा 11 में नियमित अध्ययनरत रहती है तो उसे:
₹3,000 + प्रमाण-पत्र
दिया जाता है।
द्वितीय किस्त
इसी पात्रता वाली छात्रा यदि कक्षा 12 में नियमित अध्ययनरत रहती है तो उसे:
₹3,000
की द्वितीय किस्त प्रदान की जाती है।
इस प्रकार गार्गी पुरस्कार की दोनों किस्तों को मिलाकर कुल:
₹6,000
तक की राशि मिल सकती है।
नोट: ₹5,000 वाली राशि गार्गी पुरस्कार की किस्त नहीं है। 12वीं कक्षा में 75% या अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं के लिए अलग बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना है, जिसमें ₹5,000 और प्रमाण-पत्र दिया जाता है।
गार्गी पुरस्कार की राशि एक नजर में
किस्त पात्रता राशि प्रथम किस्त 10वीं/प्रवेशिका में 75%+ अंक एवं कक्षा 11 में नियमित अध्ययन ₹3,000 द्वितीय किस्त पात्रता के बाद कक्षा 12 में नियमित अध्ययन ₹3,000 दोनों किस्तें पात्रता पूरी होने पर ₹6,000
| किस्त | पात्रता | राशि |
|---|---|---|
| प्रथम किस्त | 10वीं/प्रवेशिका में 75%+ अंक एवं कक्षा 11 में नियमित अध्ययन | ₹3,000 |
| द्वितीय किस्त | पात्रता के बाद कक्षा 12 में नियमित अध्ययन | ₹3,000 |
| दोनों किस्तें | पात्रता पूरी होने पर | ₹6,000 |
गार्गी पुरस्कार के लिए कितने प्रतिशत अंक जरूरी हैं?
गार्गी पुरस्कार के लिए माध्यमिक एवं प्रवेशिका परीक्षा में:
75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक
प्राप्त करना आवश्यक है।
शाला दर्पण के वर्तमान आवेदन पोर्टल पर भी यह स्पष्ट किया गया है कि यदि छात्रा ने RBSE अथवा राजकीय मॉडल स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की है और उसके प्राप्तांक 75% या उससे अधिक हैं, तभी संबंधित आवेदन प्रक्रिया में आगे बढ़ा जा सकता है।
कक्षा 11 में पढ़ने वाली छात्राओं को गार्गी पुरस्कार
यदि किसी छात्रा ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं या प्रवेशिका परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं और वह वर्तमान में कक्षा 11 में नियमित रूप से पढ़ाई कर रही है, तो वह गार्गी पुरस्कार की प्रथम किस्त के लिए पात्र हो सकती है।
प्रथम किस्त के अंतर्गत:
₹3,000 + प्रमाण-पत्र
दिया जाता है।
कक्षा 12 में पढ़ने वाली छात्राओं को गार्गी पुरस्कार
यदि पात्र छात्रा कक्षा 11 की पढ़ाई जारी रखने के बाद कक्षा 12 में भी नियमित अध्ययनरत रहती है, तो उसे गार्गी पुरस्कार की द्वितीय किस्त मिल सकती है।
द्वितीय किस्त:
₹3,000
है।
इसलिए छात्रा को केवल 10वीं में 75% अंक प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है। आगे की कक्षा में नियमित अध्ययनरत रहना भी योजना के लिए महत्वपूर्ण है।
राजकीय मॉडल स्कूल की छात्राओं के लिए भी लाभ
आधिकारिक बालिका शिक्षा फाउंडेशन पोर्टल के अनुसार स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल की कक्षा 10वीं परीक्षा में 8 से 10 CGPA प्राप्त करने वाली बालिकाओं को भी गार्गी पुरस्कार दिया जाता है।
इसलिए राजकीय मॉडल स्कूल की छात्राओं को भी संबंधित वर्ष की योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया जरूर देखनी चाहिए।
गार्गी पुरस्कार योजना का उद्देश्य
गार्गी पुरस्कार योजना का मुख्य उद्देश्य राजस्थान की बालिकाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:
- बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना।
- 10वीं के बाद बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने में सहायता करना।
- बालिकाओं को आर्थिक प्रोत्साहन देना।
- बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना।
- मेधावी छात्राओं का सम्मान करना।
- बालिकाओं को आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित करना।
- शिक्षा के क्षेत्र में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाना।
गार्गी पुरस्कार के लिए कौन पात्र है?
योजना की आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्य रूप से ऐसी छात्राएं पात्र होती हैं जो:
- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर की माध्यमिक या प्रवेशिका परीक्षा में 75% या अधिक अंक प्राप्त करती हैं।
- निर्धारित पात्रता के अनुसार आगे की कक्षा में नियमित अध्ययनरत रहती हैं।
- आवेदन के लिए आवश्यक जन आधार एवं अन्य जानकारी सही रखती हैं।
- संबंधित वर्ष की विभागीय शर्तों को पूरा करती हैं।
शाला दर्पण के वर्तमान आवेदन पोर्टल पर जन आधार में छात्रा का नाम और जन्म दिनांक सही होना आवश्यक बताया गया है।
क्या 75% से कम अंक वाली छात्रा को गार्गी पुरस्कार मिलेगा?
सामान्य गार्गी पुरस्कार पात्रता के अनुसार 75% या उससे अधिक अंक आवश्यक हैं।
यदि अंक 75% से कम हैं तो सामान्य गार्गी पुरस्कार के लिए पात्रता नहीं बनती।
हालांकि अन्य सरकारी बालिका प्रोत्साहन योजनाओं की अपनी अलग पात्रता हो सकती है।
गार्गी पुरस्कार और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार में अंतर
कई लोग गार्गी पुरस्कार और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार को एक ही योजना समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग हैं।
गार्गी पुरस्कार
10वीं/प्रवेशिका में 75% या अधिक अंक प्राप्त करने वाली पात्र बालिकाओं को आगे कक्षा 11 और 12 में नियमित अध्ययनरत रहने पर:
₹3,000 प्रथम किस्त + ₹3,000 द्वितीय किस्त
दिया जाता है।
बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार
12वीं की उच्च माध्यमिक कला, विज्ञान, वाणिज्य एवं वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में 75% या अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को:
₹5,000 + प्रमाण-पत्र
दिया जाता है।
तुलना
योजना परीक्षा अंक राशि गार्गी पुरस्कार प्रथम किस्त 10वीं/प्रवेशिका 75%+ ₹3,000 गार्गी पुरस्कार द्वितीय किस्त 10वीं/प्रवेशिका में 75%+ एवं आगे नियमित अध्ययन पात्रता अनुसार ₹3,000 बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार 12वीं 75%+ ₹5,000
| योजना | परीक्षा | अंक | राशि |
|---|---|---|---|
| गार्गी पुरस्कार प्रथम किस्त | 10वीं/प्रवेशिका | 75%+ | ₹3,000 |
| गार्गी पुरस्कार द्वितीय किस्त | 10वीं/प्रवेशिका में 75%+ एवं आगे नियमित अध्ययन | पात्रता अनुसार | ₹3,000 |
| बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार | 12वीं | 75%+ | ₹5,000 |
गार्गी पुरस्कार की राशि कब मिलती है?
बालिका शिक्षा फाउंडेशन के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार पुरस्कार की राशि प्रतिवर्ष बसंत पंचमी को DBT के माध्यम से प्रदान की जाती है।
DBT यानी Direct Benefit Transfer के माध्यम से राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
इसलिए आवेदन करते समय बैंक खाते की जानकारी सही होना बहुत जरूरी है।
गार्गी पुरस्कार के लिए आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन से पहले छात्रा को अपने दस्तावेज और जन आधार की जानकारी सही रखनी चाहिए।
वर्तमान शाला दर्पण आवेदन पोर्टल के अनुसार आवेदन के समय जन आधार विवरण उपलब्ध होना चाहिए तथा उसमें छात्रा का नाम और जन्म दिनांक सही होना आवश्यक है।
सामान्य रूप से निम्न जानकारी/दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है:
- जन आधार कार्ड
- छात्रा का आधार विवरण
- 10वीं की अंकतालिका
- RBSE रोल नंबर
- छात्रा का मोबाइल नंबर
- बैंक खाते की जानकारी
- IFSC Code
- बैंक शाखा का नाम
- खाता धारक का नाम
- वर्तमान विद्यालय की जानकारी
- वर्तमान कक्षा की जानकारी
- पासपोर्ट साइज फोटो, जहां आवश्यक हो
- अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्र
महत्वपूर्ण: दस्तावेजों की अंतिम सूची संबंधित वर्ष के आधिकारिक आवेदन निर्देशों के अनुसार हो सकती है।
जन आधार में नाम और जन्मतिथि सही होना क्यों जरूरी है?
गार्गी पुरस्कार के ऑनलाइन आवेदन में जन आधार की जानकारी महत्वपूर्ण है।
आधिकारिक आवेदन पोर्टल पर स्पष्ट निर्देश है कि आवेदन के समय जन आधार में छात्रा का नाम और जन्म दिनांक सही होना चाहिए। यदि नाम या जन्म दिनांक गलत है तो पहले जन आधार में सुधार करवाने के बाद आवेदन करना चाहिए।
इसलिए आवेदन करने से पहले यह जरूर जांच लें:
- छात्रा का नाम
- जन्म दिनांक
- लिंग
- परिवार की जानकारी
- जन आधार नंबर
सही दर्ज है या नहीं।
गार्गी पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
गार्गी पुरस्कार की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया राजस्थान के शाला दर्पण/बालिका शिक्षा फाउंडेशन पोर्टल के माध्यम से संचालित होती है।
वर्तमान पोर्टल पर गार्गी पुरस्कार की प्रथम और द्वितीय किस्त के लिए अलग-अलग आवेदन विकल्प उपलब्ध हैं।
Step 1: शाला दर्पण पोर्टल खोलें
सबसे पहले राजस्थान शाला दर्पण के बालिका शिक्षा फाउंडेशन पोर्टल पर जाएं।
Step 2: गार्गी पुरस्कार विकल्प चुनें
बालिका शिक्षा फाउंडेशन की योजनाओं में गार्गी पुरस्कार से संबंधित विकल्प चुनें।
Step 3: प्रथम या द्वितीय किस्त चुनें
आप जिस किस्त के लिए पात्र हैं, उसके अनुसार:
- गार्गी पुरस्कार प्रथम किस्त
- गार्गी पुरस्कार द्वितीय किस्त
का विकल्प चुनें।
Step 4: आवश्यक जानकारी दर्ज करें
आवेदन प्रक्रिया में छात्रा का:
- नाम
- जन्म दिनांक
- माता का नाम
- पिता का नाम
- रोल नंबर
- मोबाइल नंबर
- जन आधार
- विद्यालय संबंधी जानकारी
आदि मांगी जा सकती है।
Step 5: विवरण सत्यापित करें
आवेदन पोर्टल पर उपलब्ध बोर्ड रिकॉर्ड से छात्रा की जानकारी का मिलान किया जाता है।
Step 6: आवेदन फॉर्म पूरा करें
सभी आवश्यक जानकारी भरें और मांगे गए दस्तावेज/विवरण उपलब्ध कराएं।
Step 7: बैंक जानकारी जांचें
बैंक खाता संख्या, IFSC, बैंक शाखा और खाता धारक का नाम सही जांचें।
Step 8: आवेदन Submit करें
सभी जानकारी सही होने के बाद आवेदन को Submit करें।
Step 9: आवेदन की रसीद सुरक्षित रखें
आवेदन पूरा होने के बाद आवेदन संख्या/रसीद को सुरक्षित रखें।
गार्गी पुरस्कार का आवेदन स्कूल के माध्यम से भी
शाला दर्पण की आधिकारिक सूचना के अनुसार वर्ष 2025-26 के गार्गी पुरस्कार प्रथम/द्वितीय किस्त और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार के आवेदन विद्यालय स्तर से भरे जा रहे थे तथा पात्र बालिकाओं को अपने विद्यालय से संपर्क करने के लिए कहा गया था।
इसलिए वर्तमान/नए सत्र में आवेदन प्रक्रिया शुरू होने पर छात्राओं को सबसे पहले अपने विद्यालय से जानकारी लेनी चाहिए।
गार्गी पुरस्कार में रोल नंबर क्यों जरूरी है?
आवेदन के दौरान छात्रा का रोल नंबर बोर्ड के उपलब्ध रिजल्ट डेटा से सत्यापित किया जाता है।
वर्तमान आवेदन पोर्टल पर यह भी बताया गया है कि यदि दर्ज किया गया रोल नंबर बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराए गए रिजल्ट डेटा में नहीं है, तो आवेदन आगे नहीं बढ़ सकता।
इसलिए 10वीं की अंकतालिका में दिया गया सही रोल नंबर ही दर्ज करें।
गार्गी पुरस्कार आवेदन में गलती होने पर क्या करें?
यदि आवेदन करते समय:
- नाम गलत है
- जन्मतिथि गलत है
- जन आधार में जानकारी गलत है
- रोल नंबर गलत है
- बैंक जानकारी गलत है
तो आवेदन Submit करने से पहले इसे ठीक करना जरूरी है।
विशेष रूप से यदि जन आधार में नाम या जन्मतिथि गलत है तो आधिकारिक पोर्टल के निर्देश के अनुसार पहले जन आधार सही करवाएं और उसके बाद आवेदन करें।
गार्गी पुरस्कार की राशि बैंक खाते में कैसे आती है?
पुरस्कार की राशि DBT यानी Direct Benefit Transfer के माध्यम से दी जाती है।
इसलिए छात्रा के बैंक खाते की जानकारी सही होना आवश्यक है।
बैंक खाते में निम्न जानकारी जांच लें:
- खाता संख्या
- IFSC Code
- बैंक का नाम
- शाखा
- खाता धारक का नाम
गार्गी पुरस्कार का प्रमाण-पत्र कैसे प्राप्त करें?
बालिका शिक्षा फाउंडेशन/शाला दर्पण पोर्टल पर गार्गी पुरस्कार/बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार प्रमाण-पत्र प्रिंट करने की सुविधा उपलब्ध है।
यदि छात्रा पुरस्कार के लिए चयनित है तो संबंधित पोर्टल पर प्रमाण-पत्र प्रिंट करने का विकल्प उपलब्ध होने पर उसे डाउनलोड/प्रिंट किया जा सकता है।
गार्गी पुरस्कार की स्थिति कैसे देखें?
आवेदन करने के बाद छात्रा/विद्यालय संबंधित शाला दर्पण पोर्टल पर आवेदन की स्थिति और उपलब्ध जानकारी देख सकता है।
यदि आवेदन में कोई समस्या है तो विद्यालय स्तर पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
आधिकारिक पोर्टल पर गार्गी पुरस्कार के आवेदन और प्रमाण-पत्र से संबंधित अलग-अलग सेवाएं उपलब्ध हैं।
गार्गी पुरस्कार योजना में किन बातों का ध्यान रखें?
1. 75% अंक की शर्त जांचें
10वीं/प्रवेशिका में 75% या अधिक अंक होना सामान्य गार्गी पुरस्कार पात्रता का मुख्य आधार है।
2. जन आधार अपडेट रखें
नाम और जन्मतिथि सही होनी चाहिए।
3. रोल नंबर सही डालें
रोल नंबर बोर्ड के रिकॉर्ड से मिलान होता है।
4. बैंक खाता सही रखें
DBT भुगतान के लिए बैंक विवरण महत्वपूर्ण है।
5. नियमित पढ़ाई जारी रखें
गार्गी पुरस्कार की किस्तें आगे की कक्षा में नियमित अध्ययन से जुड़ी हैं।
6. आवेदन की अंतिम तारीख का ध्यान रखें
हर वर्ष आवेदन की अंतिम तारीख विभाग द्वारा अलग से जारी की जा सकती है।
7. सरकारी वेबसाइट पर ही भरोसा करें
गार्गी पुरस्कार की नवीनतम जानकारी के लिए शाला दर्पण/बालिका शिक्षा फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
क्या गार्गी पुरस्कार के लिए आय सीमा है?
आपके पुराने लेख में ₹1 लाख वार्षिक आय सीमा का उल्लेख था। लेकिन वर्तमान आधिकारिक बालिका शिक्षा फाउंडेशन की गार्गी पुरस्कार जानकारी में योजना की मुख्य पात्रता के रूप में 75% या अधिक अंक और आगे नियमित अध्ययन का उल्लेख है; वहां उस पुराने लेख वाली ₹1 लाख आय सीमा को गार्गी पुरस्कार की सामान्य शर्त के रूप में नहीं बताया गया है।
इसलिए ब्लॉग पर ₹1 लाख आय सीमा को अनिवार्य शर्त के रूप में लिखना उचित नहीं होगा।
क्या माता-पिता दोनों का सरकारी कर्मचारी नहीं होना जरूरी है?
आपके पुराने लेख में यह भी लिखा गया था कि छात्रा के माता-पिता दोनों सरकारी कर्मचारी नहीं होने चाहिए।
लेकिन वर्तमान आधिकारिक गार्गी पुरस्कार योजना विवरण में ऐसी सामान्य पात्रता शर्त का उल्लेख नहीं है। इसलिए इसे अनिवार्य शर्त के रूप में प्रकाशित नहीं करना चाहिए।
गार्गी पुरस्कार 2026 की महत्वपूर्ण जानकारी
विवरण जानकारी योजना गार्गी पुरस्कार राज्य राजस्थान संबंधित संस्था बालिका शिक्षा फाउंडेशन, राजस्थान योजना प्रारंभ वर्ष 1998 मुख्य पात्रता 10वीं/प्रवेशिका में 75% या अधिक प्रथम किस्त ₹3,000 द्वितीय किस्त ₹3,000 कुल दोनों किस्तें ₹6,000 प्रथम किस्त के लिए कक्षा 11 में नियमित अध्ययन द्वितीय किस्त के लिए कक्षा 12 में नियमित अध्ययन भुगतान DBT भुगतान समय प्रतिवर्ष बसंत पंचमी के आसपास/निर्धारित प्रक्रिया अनुसार आवेदन/पोर्टल शाला दर्पण/बालिका शिक्षा फाउंडेशन
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना | गार्गी पुरस्कार |
| राज्य | राजस्थान |
| संबंधित संस्था | बालिका शिक्षा फाउंडेशन, राजस्थान |
| योजना प्रारंभ | वर्ष 1998 |
| मुख्य पात्रता | 10वीं/प्रवेशिका में 75% या अधिक |
| प्रथम किस्त | ₹3,000 |
| द्वितीय किस्त | ₹3,000 |
| कुल दोनों किस्तें | ₹6,000 |
| प्रथम किस्त के लिए | कक्षा 11 में नियमित अध्ययन |
| द्वितीय किस्त के लिए | कक्षा 12 में नियमित अध्ययन |
| भुगतान | DBT |
| भुगतान समय | प्रतिवर्ष बसंत पंचमी के आसपास/निर्धारित प्रक्रिया अनुसार |
| आवेदन/पोर्टल | शाला दर्पण/बालिका शिक्षा फाउंडेशन |
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार गार्गी पुरस्कार की प्रथम और द्वितीय किस्त ₹3,000-₹3,000 है और राशि DBT के माध्यम से प्रदान की जाती है।
गार्गी पुरस्कार योजना के फायदे
गार्गी पुरस्कार केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि छात्राओं के लिए प्रोत्साहन का माध्यम भी है।
इसके प्रमुख लाभ:
1. आर्थिक प्रोत्साहन:
पात्र छात्रा को ₹3,000 की प्रथम और ₹3,000 की द्वितीय किस्त मिल सकती है।
2. शिक्षा जारी रखने में मदद:
10वीं के बाद पढ़ाई जारी रखने के लिए छात्राओं को प्रोत्साहन मिलता है।
3. बालिका शिक्षा को बढ़ावा:
इससे परिवारों में बालिकाओं की शिक्षा को लेकर सकारात्मक सोच बढ़ाने में मदद मिलती है।
4. मेधावी छात्राओं का सम्मान:
अच्छे अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रमाण-पत्र एवं आर्थिक पुरस्कार दिया जाता है।
5. उच्च शिक्षा के लिए प्रेरणा:
योजना बालिकाओं को 11वीं और 12वीं की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है।
गार्गी पुरस्कार योजना से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल
गार्गी पुरस्कार योजना किस राज्य की है?
गार्गी पुरस्कार योजना राजस्थान सरकार की योजना है।
गार्गी पुरस्कार में कितने रुपये मिलते हैं?
प्रथम किस्त ₹3,000 और द्वितीय किस्त ₹3,000 है। पात्रता पूरी होने पर दोनों किस्तों से कुल ₹6,000 मिल सकते हैं।
गार्गी पुरस्कार के लिए कितने प्रतिशत अंक चाहिए?
माध्यमिक/प्रवेशिका परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक आवश्यक हैं।
10वीं में 75% अंक आने पर तुरंत पैसे मिलते हैं?
नहीं। पात्र छात्रा को आगे की कक्षा में नियमित अध्ययनरत रहने की शर्त पूरी करनी होती है। प्रथम किस्त कक्षा 11 में नियमित अध्ययन से संबंधित है।
दूसरी किस्त कब मिलती है?
पात्र छात्रा के कक्षा 12 में नियमित अध्ययनरत रहने पर ₹3,000 की द्वितीय किस्त का प्रावधान है।
क्या गार्गी पुरस्कार और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार एक ही हैं?
नहीं। दोनों अलग योजनाएं हैं।
बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार में कितने रुपये मिलते हैं?
12वीं की उच्च माध्यमिक/वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में 75% या अधिक अंक प्राप्त करने वाली पात्र बालिकाओं को ₹5,000 और प्रमाण-पत्र दिया जाता है।
क्या जन आधार जरूरी है?
वर्तमान ऑनलाइन आवेदन निर्देशों के अनुसार आवेदन के समय छात्रा का जन आधार विवरण उपलब्ध होना चाहिए और नाम तथा जन्म दिनांक सही होना चाहिए।
गार्गी पुरस्कार का पैसा कैसे मिलता है?
पुरस्कार राशि DBT के माध्यम से प्रदान की जाती है।
क्या गार्गी पुरस्कार का प्रमाण-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं?
हां, शाला दर्पण/बालिका शिक्षा फाउंडेशन पोर्टल पर गार्गी पुरस्कार एवं बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार प्रमाण-पत्र प्रिंट करने की सुविधा उपलब्ध है।
गार्गी पुरस्कार के लिए आवेदन कहां करें?
आवेदन की प्रक्रिया संबंधित वर्ष के अनुसार शाला दर्पण/बालिका शिक्षा फाउंडेशन पोर्टल तथा विद्यालय स्तर से संचालित की जा सकती है। वर्ष 2025-26 के लिए आधिकारिक सूचना में पात्र बालिकाओं को विद्यालय से संपर्क करने के लिए कहा गया था।
गार्गी पुरस्कार योजना की आधिकारिक वेबसाइट
गार्गी पुरस्कार और बालिका शिक्षा फाउंडेशन की जानकारी के लिए राजस्थान शाला दर्पण का आधिकारिक पोर्टल उपयोग करें।
बालिका शिक्षा फाउंडेशन, राजस्थान:
https://rajshaladarpan.rajasthan.gov.in/
गार्गी पुरस्कार आवेदन:
शाला दर्पण के Beneficiary Scheme Portal में Gargi Award विकल्प से संबंधित आवेदन किया जाता है।
प्रमाण-पत्र:
शाला दर्पण पोर्टल पर Gargi Award / Balika Protsahan Award Certificate Print की सुविधा उपलब्ध है।
हेल्प सेंटर:
ईमेल: rajbalikasf@gmail.com
मोबाइल: 6376248644
निष्कर्ष
राजस्थान गार्गी पुरस्कार योजना बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य 10वीं/प्रवेशिका परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली पात्र बालिका को कक्षा 11 में नियमित अध्ययनरत रहने पर ₹3,000 की प्रथम किस्त तथा कक्षा 12 में नियमित अध्ययनरत रहने पर ₹3,000 की द्वितीय किस्त दी जाती है। इस प्रकार दोनों किस्तों से कुल ₹6,000 का लाभ मिल सकता है।
वहीं 12वीं कक्षा में 75% या अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं के लिए बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार अलग योजना है, जिसमें ₹5,000 और प्रमाण-पत्र दिया जाता है।
आवेदन करने वाली छात्राओं को विशेष रूप से अपने जन आधार में नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण सही रखने चाहिए। आवेदन में बोर्ड रिकॉर्ड और रोल नंबर की जानकारी का भी मिलान किया जाता है।
इसलिए छात्राओं और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि आवेदन की तिथि, पात्रता और दस्तावेजों के लिए हर वर्ष जारी होने वाली राजस्थान शाला दर्पण/बालिका शिक्षा फाउंडेशन की नवीनतम आधिकारिक सूचना जरूर देखें।
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
इस लेख में दी गई जानकारी राजस्थान सरकार के उपलब्ध आधिकारिक शाला दर्पण/बालिका शिक्षा फाउंडेशन पोर्टल के आधार पर तैयार की गई है। योजना के नियम, आवेदन प्रक्रिया, अंतिम तिथि और अन्य शर्तों में समय-समय पर परिवर्तन हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित वर्ष की नवीनतम सरकारी सूचना अवश्य जांचें।
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राजस्थान गार्गी पुरस्कार योजना 2026: ₹6,000 तक लाभ, पात्रता, दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन की पूरी जानकारी
Meta Description
राजस्थान गार्गी पुरस्कार योजना 2026 की पूरी जानकारी। जानें 75% अंक की पात्रता, ₹3,000 प्रथम किस्त, ₹3,000 द्वितीय किस्त, जन आधार, दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन और प्रमाण-पत्र डाउनलोड करने की प्रक्रिया।
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